मैंने मुस्कराहट का लिबास ओढ़ा है जब से,
आँखों ने आँसू बहाना तो छोड़ दिया।
मगर दिल नादान इतना कि रोता है अब भी,
और बेपरवाहों से रास्ता अपना मोड़ लिया।
Written by: Neetu | 12 Sep 2026
मैंने मुस्कराहट का लिबास ओढ़ा है जब से,
आँखों ने आँसू बहाना तो छोड़ दिया।
मगर दिल नादान इतना कि रोता है अब भी,
और बेपरवाहों से रास्ता अपना मोड़ लिया।
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