@neetu
जागती आँखों का ख़्वाब तुम हो महकते गुलशन का गुलाब तुम हो।
जाहिर नहीं कर सकते लफ़्ज़ों में जिंदगी की पूरी किताब तुम हो॥
आज़ादी की मशाल जो शहीद लहू से अपने जला गए।
याद आते ही उनकी कुर्बानियाँ आँखों में आँसू आ गए।
करते हैं वंदन और नमन भारत के उन वीर सपूतों को,
जो शीश अपना मातृभूमि के चरणों में भेंट चढ़ा गए।।
तेरी यादों के बारिश में भीगी जमीं हूँ मैं,
कभी पूरी न हो सकूँ वो कमी हूँ मैं।
हर्फ़-हर्फ़ तुझमें घुलने की ख्वाहिश है,
मेरी रूह को बस इतनी सी इजाजत दे दो।
क्या कहूं यार तेरा अंदाज़ सबसे जुदा है,
तेरे इकरार-ए-मोहब्बत की अलग ही अदा है।
बड़ी खुशनसीब है वो मोहतरमा जिस पर,
यार मेरा दिल-ओ-जान से फिदा है।
पूछे कोई मुझसे कि जिंदगी क्या से क्या हो गई है,
सूखे पत्तों सी मैं और दुनिया हवा हो गई है।
अक्सर ही ऐसा होता है जब नाम तेरा जुबां पर आता है तो, धड़कनें मेरी थम जाती हैं...
कैसी कशिश है, तुझमें सनम जो देख कर ही तुझे मेरी हर तकलीफ़ कम हो जाती है।।
खूँ-ए-जिगर से पूछ लो गर न हो एतबार,
कतरा कतरा तेरी दीवानगी की गवाही देगा।
मैंने मुस्कराहट का लिबास ओढ़ा है जब से,
आँखों ने आँसू बहाना तो छोड़ दिया।
मगर दिल नादान इतना कि रोता है अब भी,
और बेपरवाहों से रास्ता अपना मोड़ लिया।
किस्से जब जवाब तलब करते,
सवाल भी मैं जवाब भी मैं ॥
शायर नहीं हूँ मैं, नहीं कोई कवियत्री, बस दिल की आवाज को मेरे अल्फाज़ बयाँ करते।