क्या कहूं यार तेरा अंदाज़ सबसे जुदा है,
तेरे इकरार-ए-मोहब्बत की अलग ही अदा है।
बड़ी खुशनसीब है वो मोहतरमा जिस पर,
यार मेरा दिल-ओ-जान से फिदा है।
Written by: Neetu | 12 Sep 2026
क्या कहूं यार तेरा अंदाज़ सबसे जुदा है,
तेरे इकरार-ए-मोहब्बत की अलग ही अदा है।
बड़ी खुशनसीब है वो मोहतरमा जिस पर,
यार मेरा दिल-ओ-जान से फिदा है।
No comments yet. Be the first one to share your thoughts!