जागती आँखों का ख़्वाब तुम हो महकते गुलशन का गुलाब तुम हो।
जाहिर नहीं कर सकते लफ़्ज़ों में जिंदगी की पूरी किताब तुम हो॥
Written by: Neetu | 12 Sep 2026
जागती आँखों का ख़्वाब तुम हो महकते गुलशन का गुलाब तुम हो।
जाहिर नहीं कर सकते लफ़्ज़ों में जिंदगी की पूरी किताब तुम हो॥
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