बड़े खुशनसीब होते है वो लोग
जिनकी पहली संतान होती है बेटियों
कभी लक्ष्मी तो कभी सरस्वती का रूप भी होती है बेटियों
सबके जीवन को खुशहाल बनाती है बेटियों।।
पापा की लाड़ली ओ' माँ की दुलारी होती है बेटियों
भाई की जान ओ' शान होती है बेटियों
घर मे छोटी हो तो सबकी दुलारी
और अगर बड़ी हो तो सबकी नानी भी होती है बेटियों।।
पापा के मार से भाई को बचाती है बेटियों
उसके एवज में भाई से पैसे भी ऐंठती है बेटियों
काम करने में कभी सबसे आगे
तो कभी जंगारचोरी भी करती है बेटियों।।
कहते है पराया धन होती है बेटियों
फिर भी हर घर की शान होती है बेटियों
घर के आंगन में जब खेलती है बेटियों
खुशियों से घर को भर देती है बेटियों।।
शादी के बाद अपने ही घर को पराया
और पति के घर को अपना बताती है बेटियों
भाई के लिए पति से भी लड़ती है बेटियों
माँ बाप के बुढ़ापे का सहारा भी होती है बेटियों।।
बन लक्ष्मीबाई अंग्रेजों से लोहा लेती है बेटियों
कभी सीता तो कभी पन्ना धाय के जैसा त्याग भी करती है बेटियों
वीरांगना अहिल्याबाई भी जैसी होती है बेटियों
अपना सम्मान बचाने कभी पद्मावती जैसा जौहर भी करती है बेटियों।।
हर घर का मान-सम्मान, तख्त ओ' ताज होती है बेटियों
खुशियों का खजाना तो ऊपरवाले की नायाब रचना है बेटियों
बड़े खुशनसीब होते है वो लोग
जिनकी पहली संतान होती है बेटियों।।
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