HOME
SHER
POEM
GAZAL
MEMBERS & WRITERS
GO
ENG
English
Hindi
Urdu
Login
SignUp
Home
|
Members
|
Jyoti Kumari
Jyoti Kumari
Writer
Delhi, India
4
Posts
513
Views
View Profile / About Me
All Posts
Shayari
Poem
Story
Ghazal
Poem Content
प्रकृति के पाठ और जीवन के मूल मंत्र
एक दिन मैंने एक मुट्ठी चमक चंद्रमा से था मांगा, चंद्रमा ने फिर हंसकर दिया था जवाब। यह चमक मेरी अपनी नहीं है, यह चमक मुझे सूर्यदेव से मिली है। जब-जब मैं उनसे दूर हूँ जाती, तब-तब मैं अंधकार में डूबती ही जाती हूँ। जब-जब मैं उनके पास हूँ आती, तब-तब नई किरण, नई उम्मीद हूँ पाती हूँ। अगर...
Jyoti Kumari
160 Views
43 Likes
0 Comments
Read More
ख्याबों का तराना
जब मैं सोती हूँ, तब मैं ख्याबों को हूँ बुनती। कभी परी तो कभी जादूगर हूँ मैं बनती। अपने समस्याओं का स्वयं मैं निवारण हूँ करती। नहीं-नहीं चुनौती का निर्माण मैं स्वयं हूँ करती। कभी-कभी तो मैं ईश्वर से भी हूँ मिलती। यह देख मैं हर्ष और उल्लास से हूँ भर जाती। जब मैं सोती हूँ,...
Jyoti Kumari
155 Views
43 Likes
0 Comments
Read More
काश! हर दिन चुनाव होता
काश! हर दिन चुनाव होता। आरोप-प्रत्यारोप का दुकान होता। नेताओं का इम्तिहान होता। चुनावी रैलियों का भरमार होता। झूठे वादे बेशुमार होता। रोजगार का भंडार होता। योजनाओं का अंबार होता। जोड़- तोड़ का मेल होता। सब पैसों का खेल होता। काश! हर दिन चुनाव होता।
Jyoti Kumari
93 Views
31 Likes
0 Comments
Read More
About Jyoti Kumari
मेरा परिचय मेरा परिवार है। मेरा व्यवहार है मेरे दोस्त। मेरा भविष्य मेरी पढ़ाई है। और मेरा धन है मेरा कर्म।
Close
U
User